google.com, pub-7060990374677024, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Indore Bhagirathpura Case: भागीरथपुरा विवाद पर हाईलेवल बैठक में टकराव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले “इतना विरोध पहले कभी नहीं देखा”
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Indore Bhagirathpura Case: भागीरथपुरा विवाद पर हाईलेवल बैठक में टकराव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले “इतना विरोध पहले कभी नहीं देखा”


दानिश रज़ा खान इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में उपजे विवाद को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। Indore Bhagirathpura News एसीएस संजय दुबे की मौजूदगी में हुई इस बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। Kailash Vijayvargiya Statement इस बार जनप्रतिनिधियों का आक्रोश अधिकारियों के प्रति पहले से कहीं अधिक उग्र नजर आया।

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने भागीरथपुरा में बने हालात के लिए प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराया। Indore Political News लगातार हो रहे विरोध और जनता की नाराजगी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। बढ़ते दबाव और तीखे सवालों के बीच एसीएस संजय दुबे को यह तक कहना पड़ा कि यदि सभी अधिकारियों को हटा दिया जाएगा तो फिर काम किससे कराया जाएगा। Madhya Pradesh Latest News उनका यह बयान बैठक में चर्चा का केंद्र बन गया।

इंदौर के महापौर ने भी स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि मौजूदा माहौल में प्रशासन के लिए काम करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को दी जानी चाहिए, ताकि हालात की गंभीरता को समझते हुए ठोस निर्णय लिया जा सके। महापौर ने यह भी संकेत दिया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी से स्थिति और बिगड़ी है।

बैठक में जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात रखी तो उन्होंने हालात की नाजुकता को खुलकर सामने रखा। Bhagirathpura Protest उन्होंने एसीएस संजय दुबे को अवगत कराया कि फिलहाल किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी के लिए भागीरथपुरा जाना सुरक्षित नहीं है। Indore Administration News मंत्री ने कहा कि क्षेत्र की जनता भारी आक्रोश में है और यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा, “मैंने अपने राजनीतिक जीवन में इससे पहले कभी इतने विरोध का सामना नहीं किया है।” उनका यह बयान इस बात को दर्शाता है कि भागीरथपुरा मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बन चुका है।

बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भागीरथपुरा विवाद को लेकर सरकार और प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर इस संकट का समाधान कैसे निकालते हैं और क्षेत्र में शांति कैसे बहाल की जाती है।

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