राज्य शासन के निर्देशानुसार आज शासकीय महाविद्यालय बुरहानपुर में स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगाठ के अवसर पर ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव‘‘ कार्यक्रम के अंतर्गत स्वतंत्रता गुमनाम सेनानी पर व्याख्यान देते हुए डॉ. लक्ष्मण रजाने ने झलकारी बाई का जीवन परिचय देते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाष डाला। भूटान देष अपने नागरिको में खुषहाली से अपने देश की तरक्की को मापते है, जबकि विष्व के अन्य देष अपनी तरक्की को आर्थिक रूप मंे मापते है।
अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस पर मुख्य अतिथि श्री मनोज तिवारी ने पर्यावरण और व्यक्ति के जीवन मंें घनिष्ट संबंध बताते हुए वृक्षों की तरह हरा-भरा रहकर खुषहाल जिंदगी गुजारने के लिए कहा। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से रहकर खुश रहने की प्रेरणा दी गई तथा यह भी संदेष दिया कि, व्यक्ति के जीवन में खुषी बहुत जरूरी है वह जीवन के दुख, दर्द से अलग होकर ही खुषहाल जिदंगी गुजार सकता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन मो. रफीक अंसारी ने किया एवं आभार डॉ. प्रमोद चौधरी ने माना। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुषील सोमवंषी, श्री मनोज कुमार चौधरी, श्री अंकित चौहान, श्री दुर्गेष सराठे, श्री महेन्द्र लषकरें, श्री प्रकाष भालसे, श्री विजय चौधरी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।





