google.com, pub-7060990374677024, DIRECT, f08c47fec0942fa0 जब तक झिरन्या उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना धरातल पर नहीं आ जाती किसानों के साथ संघर्ष करुँगी-पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस
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जब तक झिरन्या उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना धरातल पर नहीं आ जाती किसानों के साथ संघर्ष करुँगी-पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस



(बुरहानपुर से दानिश रज़ा खान) बुरहानपुर/खरगोन/खंडवा। मध्यप्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने विगत वर्षों से सिंचाई परियोजना हेतु आंदोलनरत भीकनगांव विधानसभा की झिरन्या तहसील क्षेत्र के किसानों-ग्रामीणों से भेंट कर ग्राम गवला एवं ग्राम खुशयाला पहुंचकर उनकी समस्याओं को जाना।

 किसानों-ग्रामीणों ने गांव एवं क्षेत्र में पानी की कमी की समस्या बताई तथा श्रीमती चिटनिस से जल्द से जल्द योजना की प्रशासकीय स्वीकृति की मांग की।

ज्ञात हो कि विगत कई दिनों से झिरन्या उद्वहन सिंचाई परियोजना की स्वीकृति को क्षेत्र में किसानों एवं ग्रामीणों ने आंदोलन छेड़ रखा है। क्षेत्र के वरिष्ठ किसान कन्हैया लाल तिरोले और वासुदेव पटेल सहित किसानों ने बताया कि भीकनगांव  ब्रिंजलवाड़ा नहर परियोजना में उनके क्षेत्र के 49 गाँव और पंधाना तहसील के 29 गाँवों को छोड़कर बड़ा अन्याय  किया हैं। क्षेत्र में जलस्तर 1000-1200 फिट पहुंच चुका है। हल्की मिट्टी होने के कारण ज्यादा बारिश हो जाए तो खरीफ की फसल खराब हो जाती है। रबि की गेहूं चने की जैसे-तैसे ही आती है क्योंकि जनवरी एवं फरवरी माह में ही कुएं और ट्यूबवेल सुख जाते हैं। जिसके कारण क्षेत्र के किसान पीथमपुर और महाराष्ट्र में पलायन करने को मजबूर हैं।

किसान योगेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि क्षेत्र में जल कि कमी से किसानों ने पशुपालन भी कम कर दिया है, इससे गोबर खाद की बजाय किसान रासायनिक खाद पर निर्भर हो गए। जिससे मिट्टी बंजर होती जा रही हैं और उपज भी कम हो गई है।

युवा किसान सर्वोदय पाटीदार ने क्षेत्र के दिवंगत किसान नेता महिपालसिंह राठौर  के नहर हेतु प्रयासों से अवगत करवाया और तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश को आवंटित 18.25 एमएएफ नर्मदा जल 2024 तक उपयोग करना हैं, अन्यथा एक्ट अनुसार उसे गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र को आवंटित कर दी जाएगी। अभी राज्य सरकार के पास पर्याप्त जल और फंड हैं। इसलिए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा तकनीकी रूप से स्वीकृत झिरन्या उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने की मांग की।

श्रीमती चिटनिस ने ग्राम गवला में आंदोलनरत महिलाओं से मिलकर पूर्ण विश्वास दिलाया कि वह उनके साथ कंधे से कंधा मिलकर परियोजना के लिए साथ है। श्रीमती चिटनिस ने किसानों से कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान स्वयं एक किसानपुत्र हैं वे किसानों की सिंचाई संबंधित समस्याओं को अच्छे से जानते हैं और उनके झिरन्या नहर परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति के आग्रह को जल्द से जल्द जरूर पूर्ण करेंगे। श्रीमती चिटनिस ने दिवंगत किसान नेता श्री महिपाल सिंह राठौर की स्मृति में पौधारोपण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही भीकनगांव में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलकर झिरन्या नहर परियोजना के संबंध में तकनीकी चर्चा कर परियोजना के बारे में विस्तार से चर्चा भी की। 

पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि खरगोन जिले की भीकनगांव विधानसभा की झिरन्या तहसील के अधिकांश गांव व इसकी सीमा से लगे खंडवा जिले की पंधाना तहसील के कई गांवों में सिंचाई एवं पेयजल सुविधा की जरूरत है। क्योंकि इनके आसपास न कोई बड़ी नदी है और न ही इन्हें किसी बड़ी सिंचाई परियोजना से जोड़ा गया है। यहां का जलस्तर भी 1000-1200 फिट से नीचे जा चुका है जिसने किसानों की समस्याओं को और गहरा दिया है। इस क्षेत्र में दो बड़ी परियोजनाएं, भीकनगांव बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना एवं छैगांवमाखन उद्वहन सिंचाई परियोजना स्वीकृत होकर कार्य शुरू हो चुका है।  भीकनगांव बिंजलवाड़ा परियोजना में झिरन्या तहसील के 25 गांव सम्मिलित है, जबकि इस तहसील में 135 से अधिक गांव है, छैगांवमाखन सिंचाई परियोजना में भी इससे लगे पंधाना व खंडवा तहसील के अनेक गांव शामिल नहीं है। उपरोक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा ’झिरन्या उद्वहन सिंचाई योजना’ की डीपीआर तैयार की गई है, जिसमें झिरन्या तहसील के 49 गांव, खंडवा तहसील के 4 गांव व पंधाना तहसील के 25 गांव, इस प्रकार कुल 78 गांवों की 35200 हेक्टेयर कृषि भूमि लाभान्वित होगी।

विदित हो कि पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) से भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित झिरन्या उद्वहन सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान किए जाने की मांग को लेकर भीकनगांव एवं पंधाना विधानसभा क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं सहित किसानों-ग्रामीणों सहित प्रतिनिधि मंडलों ने मुलाकात की थी। जिसके बाद श्रीमती चिटनिस ने पत्र प्रेषित कर इसकी शीघ्र ही प्रशासकीय के लिए अनुरोध किया है।

*’परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु’*

परियोजना का नाम- झिरन्या माइक्रो सिंचाई लिफ्ट परियोजना। प्रस्तावित सिंचित भूमि 35200 हेक्टेयर, लाभान्वित होने वाले गाँवों की संख्या 78, (झिरन्या-49, पंधाना-25, खंडवा-4), जल सिंचाई हेतु उद्यान 138.10 एमसीएम, परियोजना की लागत और फायदे का अनुपात बीसी रेटिव 1.91, परियोजना की अनुमानित लागत 1048.37 करोड़ रुपए। सिंचाई हेतु डिस्चार्ज जल 12.32 क्यूमेक, लिफ्टिंग पॉइंट दौड़वा के पास मुख्य नहर से, पाईप लाइन की लंबाई 48.85 किलोमीटर एवं पॉवर स्टेशन की संख्या 4 होगी।

इस दौरान पूर्व विधायक धूलसिंह डावर, गुलाबसिंह वास्कले, विजय महाजन, प्रदीप जगधने, ममराज पवार, दिलीप जोशी, आशीष राठौर, ठाकुर श्रीपालसिंह, पवन यादव, फजीत भास्करे, दिनेष जायसवाल, लल्ली बना, प्रकाष मिटावलकर, राहुल नायक, जीतू नामदेव आदि उपस्थित रहे।



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