भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेशवासियों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संकट वाले क्षेत्रों में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और नल-जल योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।
बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2028 से पहले प्रदेश के हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल बचाने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाए।
प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि 14,200 गांवों को ‘हर घर जल’ घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाले जल उत्सव को जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश भी दिए।






