भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में महिलाओं और बच्चों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में जनभागीदारी बढ़ाई जाए और मैदानी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के साथ निजी अस्पतालों और संस्थाओं का सहयोग लेने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 66 हजार से अधिक बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता दी गई है। वहीं 12,670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को उन्नत कर मुख्य आंगनबाड़ी बनाया गया है।
लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पिछले ढाई वर्षों से देश में अग्रणी बना हुआ है।






